सिवाना का युद्ध (1308 ईस्वी) जालौर विजय से पहले अलाउद्दीन खिलजी के लिए एक अनिवार्य कदम था, क्योंकि सिवाना के किले को ‘जालौर दुर्ग की कुंजी’ कहा जाता था। यह युद्ध बाड़मेर जिले में स्थित सिवाना दुर्ग की रक्षा के लिए लड़ा गया था।
युद्ध का मुख्य विवरण
| विवरण | जानकारी |
| समय | 1308 ईस्वी |
| स्थान | सिवाना दुर्ग (वर्तमान बालोतरा/बाड़मेर) |
| मुख्य पक्ष | शीतलदेव (सातलदेव) चौहान ⚔️ अलाउद्दीन खिलजी |
| विश्वासघाती | भायला (Bhayla) नामक सैनिक |
| सेनापति | कमालुद्दीन गुर्ग (खिलजी की ओर से) |
| परिणाम | खिलजी की विजय |
युद्ध का घटनाक्रम और छल
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अभेद्य दुर्ग: सिवाना का किला कुमठ की झाड़ियों के बीच पहाड़ी पर बना हुआ था, जिसे जीतना खिलजी की सेना के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। लंबे समय तक घेराबंदी के बावजूद राजपूत पीछे नहीं हटे।
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पेयजल में मिलावट: जब खिलजी सीधे तरीके से नहीं जीत पाया, तो उसने भायला नामक एक राजपूत सैनिक को लालच दिया। भायला ने किले के मुख्य जल स्रोत ‘भांडेलाव तालाब’ में गौरक्त (गाय का खून) मिलवा दिया, जिससे पानी दूषित हो गया।
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विवशता: पानी की कमी और अशुद्धता के कारण राजपूतों के पास किले से बाहर निकलकर युद्ध करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
सिवाना का प्रथम साका
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जौहर: शीतलदेव की रानी मैणादे के नेतृत्व में वीरांगनाओं ने जौहर किया।
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केसरिया: शीतलदेव और उनके भाई सोम (Soma) वीरतापूर्वक लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी वीरता की प्रशंसा खुद मुस्लिम इतिहासकारों ने भी की है।
युद्ध के बाद के परिणाम
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नाम परिवर्तन: जीत के बाद अलाउद्दीन खिलजी ने सिवाना का नाम बदलकर ‘खैराबाद’ रख दिया।
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जालौर का मार्ग: इस जीत के बाद खिलजी के लिए जालौर के दुर्ग (कान्हड़देव का शासन) पर हमला करना आसान हो गया।
1311: जालौर का युद्ध (अगला महत्वपूर्ण युद्ध)
सिवाना जीतने के ठीक तीन साल बाद खिलजी ने जालौर पर आक्रमण किया।
| विवरण | जानकारी |
| शासक | कान्हड़देव चौहान और उनके पुत्र वीरमदेव |
| विश्वासघाती | बीका दहिया (जिसने गुप्त रास्ता बताया) |
| साका | जालौर का प्रसिद्ध साका हुआ। रानी जैतलदे ने जौहर किया। |
| नाम परिवर्तन | जालौर का नाम बदलकर ‘जलालाबाद’ कर दिया गया। |
विशेष तथ्य: कान्हड़देव के पुत्र वीरमदेव की वीरता और खिलजी की पुत्री फिरोजा की प्रेम कहानी इसी युद्ध की पृष्ठभूमि से जुड़ी हुई है, जिसका उल्लेख ‘कान्हड़देव प्रबंध’ (पद्मनाभ द्वारा रचित) में मिलता है।