राजमहल का युद्ध (मार्च 1747)

राजमहल का युद्ध (मार्च 1747) जयपुर रियासत के उत्तराधिकार को लेकर लड़ा गया एक बड़ा गृहयुद्ध था। यह युद्ध सवाई जयसिंह के दो पुत्रों के बीच सत्ता के संघर्ष का परिणाम था, जिसमें मराठा शक्तियों ने भी हस्तक्षेप किया था।

युद्ध का मुख्य विवरण

विवरण जानकारी
समय मार्च 1747 ईस्वी
स्थान राजमहल (टोंक जिला, बनास नदी के किनारे)
मुख्य पक्ष सवाई ईश्वरी सिंह ⚔️ माधो सिंह (मेवाड़ और मराठों के सहयोग से)
सहयोगी (माधो सिंह के) मेवाड़ के महाराणा जगत सिंह II, कोटा, बूंदी और मराठा सेना
परिणाम सवाई ईश्वरी सिंह की शानदार विजय

युद्ध का मुख्य कारण: ‘देबारी समझौता’ (1708)

इस युद्ध की जड़ें 1708 के देबारी समझौते में थीं। उस समझौते के अनुसार, मेवाड़ की राजकुमारी ‘चंद्रकुंवर’ से उत्पन्न पुत्र ही जयपुर का अगला राजा बनना था।

  • सवाई जयसिंह के बड़े पुत्र ईश्वरी सिंह थे, लेकिन चंद्रकुंवर के पुत्र माधो सिंह थे।

  • जयसिंह की मृत्यु के बाद ईश्वरी सिंह गद्दी पर बैठे, जिसे माधो सिंह ने मेवाड़ और अन्य रियासतों की मदद से चुनौती दी।


युद्ध का घटनाक्रम और ईश्वरी सिंह का पराक्रम

  1. विशाल गठबंधन: माधो सिंह के पास मेवाड़, कोटा और बूंदी की संयुक्त सेनाओं के साथ-साथ मराठों का भी समर्थन था। ऐसा लग रहा था कि ईश्वरी सिंह यह युद्ध हार जाएंगे।

  2. ईश्वरी सिंह की रणनीति: ईश्वरी सिंह ने अत्यंत कुशलता और बहादुरी से इस विशाल गठबंधन का सामना राजमहल (टोंक) के मैदान में किया।

  3. निर्णायक जीत: ईश्वरी सिंह की सेना ने विरोधियों को बुरी तरह परास्त किया। माधो सिंह और उनके सहयोगियों को युद्ध का मैदान छोड़कर भागना पड़ा।


विजय का प्रतीक: ईसरलाट (सरगासूली)

इस शानदार जीत की खुशी में सवाई ईश्वरी सिंह ने जयपुर के त्रिपोलिया बाजार में एक सात मंजिला मीनार बनवाई, जिसे ‘ईसरलाट’ या ‘सरगासूली’ कहा जाता है।

  • आज भी यह मीनार जयपुर के आकाश में ईश्वरी सिंह की जीत की गवाह बनकर खड़ी है।


युद्ध का दुखद अंत (बगरू का युद्ध और आत्महत्या)

हालाँकि ईश्वरी सिंह राजमहल का युद्ध जीत गए थे, लेकिन अगले साल (1748) बगरू के युद्ध में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और मराठों ने उन पर भारी जुर्माना (खिराज) लगा दिया।

  • मराठों के बढ़ते दबाव और बार-बार धन की मांग से तंग आकर अंततः 1750 में सवाई ईश्वरी सिंह ने इसी ‘ईसरलाट’ से कूदकर (या जहर खाकर) आत्महत्या कर ली थी।

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