मारवाड़ का इतिहास : एक संक्षिप्त वर्णन

मारवाड़ (जोधपुर) का इतिहास वीरता, संघर्ष और स्वामीभक्ति की मिसालों से भरा है। यहाँ का मुख्य शासन राठौड़ वंश का रहा है, जो स्वयं को सूर्यवंशी मानते हैं।


मारवाड़ का इतिहास: संक्षिप्त विवरण

  1. स्थापना: मारवाड़ में राठौड़ वंश की नींव राव सीहा ने 13वीं शताब्दी (1240 ईस्वी) के आसपास पाली के क्षेत्र में रखी थी।

  2. शक्ति का विस्तार: राव चूड़ा ने मंडोर को अपनी राजधानी बनाया, जबकि राव जोधा ने 1459 ईस्वी में जोधपुर शहर बसाया और मेहरानगढ़ किले का निर्माण करवाया।

  3. स्वर्ण काल: मालदेव के समय मारवाड़ अपनी शक्ति के चरमोत्कर्ष पर था, उन्हें “52 युद्धों का विजेता” कहा जाता है।

  4. मुगल संघर्ष व संधि: राव चंद्रसेन ने अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की और ‘मारवाड़ का प्रताप’ कहलाए। बाद में मोटा राजा उदय सिंह ने मुगलों से वैवाहिक संबंध स्थापित किए।

  5. राठौड़-मुगल संघर्ष: औरंगजेब के समय वीर दुर्गादास राठौड़ ने 30 वर्षों तक संघर्ष कर अजीत सिंह को वापस गद्दी दिलाई।

  6. विलय: आजादी के समय महाराजा हनुवंत सिंह मारवाड़ के शासक थे और अंततः जोधपुर का विलय राजस्थान संघ में हुआ।


मारवाड़ के राठौड़ शासकों की वंशावली (Timeline Chart)

यहाँ मारवाड़ के प्रमुख शासकों की वर्षवार सूची दी गई है:

क्रम शासक का नाम शासन काल (वर्ष) मुख्य विशेषता
1 राव सीहा 1240 – 1273 राठौड़ वंश के संस्थापक (आदि पुरुष)
2 राव अस्थान 1273 – 1292 जलालुद्दीन खिलजी के विरुद्ध संघर्ष
3 राव धूहड़ 1292 – 1309 कर्नाटक से ‘चक्रेश्वरी माता’ की मूर्ति लाए
4 राव चूड़ा 1384 – 1423 मंडोर को राजधानी बनाया
5 राव रणमल 1427 – 1438 मेवाड़ की राजनीति में सक्रिय रहे
6 राव जोधा 1438 – 1489 1459 में जोधपुर बसाया
7 राव सातल 1489 – 1492 ‘गुड़ला’ उत्सव की शुरुआत इनके काल में हुई
8 राव सूजा 1492 – 1515 बीकानेर के राव बीका का आक्रमण हुआ
9 राव गांगा 1515 – 1532 खानवा युद्ध में सांगा की मदद की
10 राव मालदेव 1532 – 1562 हशमत वाला राजा, गिरी-सुमेल का युद्ध
11 राव चंद्रसेन 1562 – 1581 ‘मारवाड़ का प्रताप’, अकबर का विरोध
12 मोटा राजा उदय सिंह 1583 – 1595 मुगलों की अधीनता स्वीकार की
13 सवाई राजा सूर सिंह 1595 – 1619 अकबर और जहाँगीर के विश्वसनीय
14 महाराजा गज सिंह 1619 – 1638 जहाँगीर ने ‘दल थम्मन’ की उपाधि दी
15 महाराजा जसवंत सिंह I 1638 – 1678 शाहजहाँ के सबसे बड़े सेनापति
16 महाराजा अजीत सिंह 1679 – 1724 दुर्गादास की मदद से गद्दी प्राप्त की
17 महाराजा अभय सिंह 1724 – 1749 इनके समय खेजड़ली बलिदान हुआ
18 महाराजा राम सिंह 1749 – 1751 उत्तराधिकार संघर्ष
19 महाराजा बखत सिंह 1751 – 1752 मारवाड़ का महान योद्धा
20 महाराजा विजय सिंह 1752 – 1793 मराठों के साथ संघर्ष
21 महाराजा मान सिंह 1803 – 1843 सन्यासी राजा, अंग्रेजों से संधि (1818)
22 महाराजा तख्त सिंह 1843 – 1873 1857 की क्रांति के समय शासक
23 महाराजा जसवंत सिंह II 1873 – 1895 स्वामी दयानंद सरस्वती जोधपुर आए
24 महाराजा सरदार सिंह 1895 – 1911 जसवंत थड़ा का निर्माण करवाया
25 महाराजा सुमेर सिंह 1911 – 1918 प्रथम विश्व युद्ध में सहयोग
26 महाराजा उम्मेद सिंह 1918 – 1947 आधुनिक मारवाड़ के निर्माता (उम्मेद पैलेस)
27 महाराजा हनुवंत सिंह 1947 – 1952 भारत संघ में विलय के समय शासक

नोट: 1581 से 1583 के बीच जोधपुर ‘खालसा’ (मुगल नियंत्रण) रहा था, इसलिए उस समय कोई स्थानीय राजा नहीं था।

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